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ज्योतिषाचार्य वासुदेब अधिकारी
फलित ज्योतिषाचार्य ने सं वि
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गायत्री मन्त्र सङ्ग्रह ॐ भूर्भुव स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं, भर्गो देवस्य धीमहि, धियो यो नः प्रचोदयात् ॥ …………………………………………………………. शिव गायत्री ॐ महादेवाय विद्महे, रुद्रमुर्तय धीमहि तन्नो... Continue reading
रविबार जन्मफल शूरोऽल्पकेशो विजयी रणाग्रे श्यामारुणः पित्तचयप्रकोपः । दाता महोत्साहयुतो महोजा दिने दिनेशस्य भवेन्मनुष्यः ॥१॥ आइतबारमा जन्मलिने व्यक्ति बढी तेजस्वी, थोरै कपाल भएको, पित्तप्रकृति भएको,... Continue reading
श्रीरुद्राष्टकम् नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ १॥ निराकारमोंकारमूलं तुरीयं गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम् । करालं महाकाल कालं... Continue reading
श्रीगणेशाय नमः जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥ ……………………………………………………….. जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि । धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥२॥... Continue reading
योगिनी महादशा फल १ मङ्गला चन्द्रमा = मङ्गला सद्धर्मे द्विजदेवगोपुरजनोत्कर्षप्रदात्री नृणां नानाभोगयशोऽर्थसन्नृपपराश्वेभाङ्गजाप्तिप्रदाः । सन्माङ्गल्यविभूषणाम्बरचयस्त्रीभोगसन्दायिनी ज्ञानानन्दकरी दशा भवति सा ज्ञेया सदा मङ्गला ॥ मङ्गल, माङ्गल्य र... Continue reading

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